बड़ौदी के दो युवाओं की मौत से श्मशान की अग्नि अभी ठंडी भी न हुई कि यमदूम फिर लेने लगे मौत की सुपारी...
बड़ौदी के दो युवाओं की मौत से श्मशान की अग्नि अभी ठंडी भी न हुई कि यमदूम फिर लेने लगे मौत की सुपारी...
अपनी हरकतों से यातायात महकमा बाज नहीं आता आखिर क्यों..??
।। चर्चित समाचार एजेंसी।।
।। शिवपुरी 18/05/2026।। शिवपुरी शहर के अंदर नो एंट्री में घुसे एक हाईवा वाहन तीन मई को दो युवकों की जान ले लेता हैं, जिसमें दोनों युवक बाइक से आ रहे होते हैं तथा नो इंट्री में रॉन्ग साइड बैक कर रहे हाइवा से टकरा जाते हैं और अस्पताल आते-आते अपने प्राण त्याग देते हैं। दोनों ही युवक एक ही परिवार के थे शिवपुरी के माधव चौक से 5 किलोमीटर दूर बड़ोदी पर निवास करते थे। दोनों रात करीब 8:30 बजे घर से मंदिर जा रहे थे मगर रास्ते में शहर के बीचों बीच तरुण होटल के पास ही बैक हो रहे हाइवा में जा घुसे, लोगों के इकठ्ठा होने से पहले ही 16 चक्का हाइवा का चालक मौके से फरार हो गया। यह सूचना पाकर पुलिस आई ट्रक को थाने ले गई खबर छपी और कहानी सिमट गई फाइलों में।
गंदा है मगर धंधा है की तर्ज पर फ़िर से होने लगी उगाई..
यमदूतों ने अपना काम नहीं छोड़ा सुविधा शुल्क लेकर फिर से नो एंट्री वाहन को निकालने की परमिशन देने लगे हैं। _17 मई रविवार की शाम ठीक 8 बजे ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला जहां ग्वालियर की तरफ से गुना की ओर जा रहा एक कंटेनर नो एंट्री में शहर में घुस आया जिसे शिकार करने घात लगाए बैठे यमदूतों ने लपक लिया, अब जैसे ही ग्वालियर बायपास पर कंटेनर क्रमांक MH 14 MT 1078 पहुंचा, धर लिया यमदूतों ने और लगवा दिया साइड में फिर क्या हुआ..??_
यमराज के ये यमदूत लेने में नई करते चूक, शिकार मार के घर को आते तब कहलाते सच्चे सपूत..
यातायात विभाग के कुछ चुनिंदा शिकारी अपने शिकार पर घात लगाए बैठे रहते हैं जैसे ही कोई ट्रक नो एंट्री में घुसा तुरंत ही धर दबोचते हैं और लपेट देते हैं उसको नो एंट्री में कम से कम 5000 के चालान के नाम पर..। बाकी जैसा सौदा पट जाए..!!
भ्रमजाल फैलाकर फंसाते से शिकार को...
शिवपुरी कठमई और बड़ौदी के बायपास से ही भारी वाहन को निकालने के आदेश शिवपुरी के जिला प्रशासक ने किए हैं जो सुबह 7 बजे से लेकर रात्रि 11 बजे तक शहरी क्षेत्र में नो एंट्री के रूप में लागू हैं इस दरम्यान कोई भारी वाहन शहर में पाया जाता है तो कम से कम 5000 का चालान है बाकी बाद की कागजी कार्रवाई अलग से है। यहां दोनों पॉइंट्स पर यातायात पुलिस की ड्यूटी रहती है जो कागजों में भी चलती है और कोई अधिकारी द्वारा जांच की सूचना मिल जाए तो देखने दिखाने को वहां मिल भी जाते हैं। पर वास्तव में यह लोग एक जाल बनाकर वहां छुपे रहते है और एंट्री पॉइंट खुला छोड़ देते हैं, जब भारी वाहन चालक हाइवे से अपने ट्रक को शहर बायपास करके ले जा रहा होता है तो उसके मन में किलोमीटर कम करके डीजल बचाने का लालच आ जाता है क्योंकि एंट्री पॉइंट खुले हैं पुलिस बाला कोई है नहीं..। बस घुसेड़ देता अपना भारी वाहन शहर की सीमा में यह सोचे बिना कि यमदूत शिकार की घात लगाए बैठे हैं दबोचने के लिए..!! उसके बाद जैसे ही वाहन मेडिकल कॉलेज क्रॉस करके संतुष्टि के आस-पास पहुंचता है
और हो जाता है शिकार...!!
यहां से भाग भी निकला तो यमदूत आगे हैं तैयार..।
और इसी भागदौड़ में किसी की जान जाती है बेकार..।।
तो अब प्रशासक से है गुहार....
एंट्री पॉइंट पर कड़ा पहरा लगवाकर आमजन की जान बचाओ सरकार....
क्यों कर्त्तव्यपरायणता का दिखावा करते हो बेकार...??
सवाल पूछ रही है शहर की जनता हर-बार...।।।
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