जब जिम्मेदार ही मौन तो माफिया पर कार्रवाई करेगा कौन..??
सात दिन गुजरे महुअर नदी से अवैध उत्खनन करने वालों पर अब तक नहीं हुई कोई कार्रवाई..
।।चर्चित समाचार एजेंसी।।
।। शिवपुरी/पिछोर 16/09/2026।। जिले की तहसील पिछोर की ग्राम पंचायत बूढ़ोंन से निकली महुअर नदी में अवैध उत्खनन चल रहा है जिसकी सूचना अखबार के माध्यम से पिछोर SDM ममता शाक्य तक सात दिवस पहले ही पहुंच चुकी थी, जिसमें उनके द्वारा ही यह बयान दिया गया था कि हम जल्द अवैध उत्खनन कर्ताओं की पहचानकर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कराएंगे। लेकिन सात दिवस गुजरे आज दिनांक तक कार्रवाई तो छोड़िए अवैध खनन माफियाओं की पहचान तक नहीं की गई है, यहां तक कि पहचान हेतु SDM पिछोर ने कोई कदम ही नहीं उठाया है ऐसा कहना है बूढ़ोंन ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का।
कल सिंध नदी में डूबने से 14 वर्षीय बालक की हो चुकी है मौत..
यहां यह बताना उचित होगा कि कल बदरवास तहसील के इंदार थाना क्षेत्र के बिजरौनी गाँव में 14 वर्षीय सौरव कुशवाह पुत्र बबलू कुशवाह की डूबने से मौत हो गई थी। बताया जाता है कि ऋषि पंचमी को सौरव अपनी माँ के साथ सिंध नदी के पुल पर पूजापाठ के लिए गया था जहां गाँव की अन्य महिलाएं भी पूजा कर रही थीं, चूंकि गाँव में रहने वाले बच्चे अक्सर सिंध नदी में नहाने चले जाते हैं तो सौरव भी सिंध में नहाने उतर गया, परन्तु जैसे ही वह आगे की ओर बढ़ा अचानक नदी के तलहटी में बदलाव आया जिसे वह समझ नहीं सका इस कारण वह पानी में डूबने लगा, चूंकि बच्चे को डूबता देख माँ और अन्य महिलाएं मदद के लिये चिल्लाई जिसे देख गाँव वालों ने पुलिस को खबर की, पुलिस और एस डी आर एफ की टीम वहां पहुंच तो गई परंतु बच्चे की खोजबीन नहीं कर पाई। समय पर मदद न मिल पाने के कारण बच्चा गहराई में समा गया, दूसरे दिन बच्चे का पार्थिव शरीर पानी के ऊपर उतराता पाया गया।
ग्रामीणों का यह कहना है कि अवैध उत्खनन माफियाओं ने नदी को बेतरतीब खोदकर जगह जगह गहरे गड्ढे कर दिए हैं जिससे उसका वास्तविक स्वरूप बदल चुका है, यदि समय रहते यह कार्रवाइयां होती रहती तो शायद एक जान बच जाती..!!
बूढ़ोंन में भी मौत का मंजर देखना चाहता है प्रशासन..??
सवाल यह है कि कोलारस में कुछ दिन पहले एक गड्ढे रूपी तालाब में नहाने गए मुस्लिम समाज (शाह परिवार) के दो बच्चे काल के गाल में समा चुके हैं, प्रशासन ने इसे बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लिया, अभी 14 वर्षीय सौरभ की मौत हुई प्रशासन इसे भी गंभीरता से नहीं लेगा..!! बूढ़ोंन ग्राम पंचायत से निकली महुअर नदी में हो रहे उत्खनन से बनने वाले गहरे गड्ढों में फिर किसी बच्चे की मौत और किसी घर का भविष्य खत्म हो जाएगा तब भी शायद नींद से न जागे..
राजनैतिक संरक्षण के चलते अधिकारी इतने दबाव में हैं कि निर्दोषों की मौत पर भी साध लेते हैं चुप्पी।
अगले समाचार में...
यहां कौन कर रहा है उत्खनन..??
क्यों अधिकारी अपनी सीट बचाने साध लेते हैं चुप्पी..??
मौत के सौदागरों से राजनेताओं की कैसी सांठगांठ..??
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