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करैरा SDM को हटाया, तो सचिव मीणा को क्यों बचाया..??

करैरा SDM को हटाया, तो सचिव मीणा को क्यों बचाया..??

करैरा SDM को हटाया, तो सचिव मीणा को क्यों बचाया..??
उस जीएसटी चोरी मे दोनों की है हिस्सेदारी...
जिस जीएसटी को बचाने देश के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से संदेश कर रहे हैं जनहित में जारी..
सिंधिया जी आप तो इस क्षेत्र के बज़ीर हो,आमजन के राजा और चोरों के लिए दंड की नज़ीर हो..
अब आप ही बचाओ इस देश के विकास को सुनिश्चित करने वाले कर को..
क्योंकि चोर और लुटेरे तुमसे भय खाते हैं, झेल नहीं पाते हैं तुम्हारे डर को..
।। चर्चित समाचार एजेंसी।।
।। शिवपुरी 13/10/25।। जिले की करैरा तहसील में 28 सितंबर को करैरा मंडी के सचिव विजय मीणा की टीम ने हमारे अथक प्रयासों से मूंगफली दाने की गाड़ी पकड़ी तथा हमारे मजबूत प्रयासों से फर्जी गेटपास काटने वाली फर्म पर भी 5 गुना जुर्माना भी लगाया। यह जुर्माना  तो लगा दिया था पर व्यापारी को जीएसटी जुर्माने से राहत देने के लिए जीएसटी विभाग को प्रकरण बनाकर नहीं भेजा। जिसकी शिकायत हमने करैरा एसडीएम शिवदयाल धाकड़ से की,उन्होंने सचिव विजय मीणा को प्रकरण बनाकर जीएसटी विभाग पहुंचाने के लिए कहा, उसके बाद 29 सितंबर सोमवार को एसडीएम अजय शर्मा ने वापस अपना चार्ज करैरा sdm के रूप में ले लिया। एसडीएम शिवदयाल जी इस केस से पीछे हट गए फिर हमने SDM अजय शर्मा से प्रकरण संबंधित बात की, उन्होंने भी  प्रकरण को समझ कर आगे की कार्रवाई करने की बात कहकर टाल  दी। इसके बाद हम लगातार मंडी सचिव और एसडीएम अजय शर्मा को फोन लगाते रहे लेकिन ना ही तो उन्होंने हमारा फोन रिसीव किया और ना ही जीएसटी चोरी के जुर्माने प्रकरण को उक्त विभाग भेजना उचित समझा। इसकी शिकायत हमने शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी से मौखिक तौर पर उनके समक्ष जाकर की। जिस पर कलेक्टर रविंद्र चौधरी ने तत्काल एक्शन लेते हुए फोन पर एसडीएम अजय शर्मा को तल्ख शब्दों में कह दिया कि आप इस प्रकरण को बनाकर जीएसटी विभाग भेजिए या मुझे दीजिए मैं भेजूंगा। उसके बाद इस प्रकरण के प्रोग्रेस को लेकर हम बराबर एसडीएम अजय शर्मा को फोन लगाते रहे लेकिन उन्होंने हमारा फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा। जबकि डिप्टी कमिश्नर जीएसटी विभाग ने कहा कि आपके द्वारा जो आवेदन और डॉक्यूमेंट हमें भेजे गए हैं हमने उन सभी को आयुक्त को फॉरवर्ड कर दिए है हमें जैसे ही अनुमति मिलती है हम निश्चित तौर पर कार्रवाई करेंगे। लेकिन सवाल यह है कि,12 दिन गुजरने के बाद भी एसडीएम के कानों में जूं नहीं रेंगी। उनको नहीं लगा कि देश के आर्थिक विकास में सहयोग देने वाली जीएसटी जो हमारा भी पेट पाल रही है उसके साथ धोखाधड़ी,चोरी डकैती,लूटपाट करना क्या उचित है..??
नतीजा यह हुआ कि आज 12 दिन बाद कलेक्टर रविंद्र चौधरी ने उनको वहां से भारमुक्त कर दिया और नए एसडीम अनुराग निंगवाल को वहां का चार्ज दे दिया। अब क्या नवागत एसडीएम अनुराग निंगवाल इस तरह के प्रकरणों को लेकर सजक और ईमानदार बन पाएंगे..?? यह सवाल अनुराग निंगवाल के सिविल सेवा सर्विस में आने से पहले ली गई ईमानदारी और कर्तव्य परायणता की शपथ में निहित है। 
फिलहाल करैरा एसडीएम अजय शर्मा का विकेट चटक गया..।।

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