जब चोर ने फरियादी के लिए मजे... कहा कुछ हुआ क्या..??
क्या अब वाकई अच्छे दिन आ गए हैं..?? जब चोर ही फरियादी से पूछे कि पुलिस को बताकर तुमने कौन सा मीर मारा, मैंने की चोरी और तुमने मेरा क्या उखाड़ा..??
।।चर्चित समाचार एजेंसी।।
सवाल बेहद गंभीर किस्म का है..! मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के शिवपुरी शहर के देहात थाना अंतर्गत इंडस्ट्रियल एरिया में 24 फरवरी की शाम को लगभग 4 से 6 बजे के बीच चोरी हो गई, फरियादी चोरी की शिकायत करने देहात थाने गया पर वहां उससे सिर्फ़ आवेदन लेकर खाना पूर्ति कर दी गई। दूसरे दिन फिर वही फरियादी वीडियो फुटेज के साथ गया जिसमें पहचान हो गई कि चोरी करने वाला कोई उमेश पंडित है जिसने यह चोरी की है इसके बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया। जब दोबारा बात की तो बोले हम देखते हैं, बताते हैं, जबकि देहात थाने की पुलिस ने यह भी कन्फर्म कर दिया कि यह चोर जिसे फरियादी आदिवासी कह रहा है वह दरअसल पंडित है। अब सवाल यह है कि, शिनाख्त हो जाने के बाद भी 7 दिवस गुजर गए लेकिन पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की..?? इसमें सोचने का विषय यह भी है कि फरियादी ने 24 फरवरी की रात लगभग 10 बजे हेल्पलाइन 181 भी लगाई, उस शिकायत का कोई भी रजिस्ट्रेशन नंबर फरियादी के मोबाइल पर नहीं आया उसके बाद 28 फरवरी को मामले में प्रोग्रेस की जानकारी पाना चाही तो बताया गया कि आपकी कोई भी शिकायत दर्ज नहीं है।
जब चोर ही कहने लगा कि क्या उखाड़ लिया तो फरियादी इस कदर टूटा कि सिस्टम से भरोसा ही उठ गया...
इस पूरे वाकये में फरियादी राजेश अग्रवाल जो कि कमलागंज क्षेत्र में निवास करते हैं तथा इंडस्ट्रियल एरिया में अपनी फैक्ट्री चलाते हैं ने 28 फरवरी को थककर मीडिया के समक्ष आकर जो बयान दिया वह वाकई में आम आदमी को सोचने के लिए मजबूर करता है कि, क्या वाकई में अब इतने अच्छे दिन आ गए हैं कि चोर खुद फरियादी को रोककर पूछ रहा है कि,
फिर हुआ क्या..................................??
पुलिस ने कुछ किया क्या..................................??
वीडियो दिखाकर तुमने मेरा कुछ उखाड़ लिया क्या..??
यह गंभीर आरोप सिर्फ़ आरोप नहीं एक ऐसा कड़वा घूंट है जो राजेश अग्रवाल तो पी गए पर शायद कोई और न पी पाता और चोर को वहीं कूटकर न्याय पा लेता..!!
क्या पुलिस इतनी कर्तव्यहीन हो चुकी है कि, एक ऐसे व्यक्ति के कहने पर अध्ययन कर रहे छात्रों पर तमाम धाराओं में कुछ ही घंटों में केस दर्ज कर देती है जो खुद भूमाफिया हो। भूमाफिया तो शायद बड़ा शब्द है ज़मीन चोर हो और जिस पर खुद शिवपुरी कलेक्टर ने FIR करने के आदेश निकाले हों बावजूद इसके पुलिस के हाथ इनके गिरेबां तक 1 साल होने के बाद भी नहीं पहुंच पाए और इनके कहने पर मात्र 1 घंटे में तमाम धाराओं में FIR हो गईं।
दरअसल संघ के अंग कहे जाने वाले घटकों में पदाधिकारी बनकर यह लोग मजे भी कर रहे हैं और समाज में रहकर अपने फायदे के लिए काला पीला कर प्रशासन को अपने हिसाब से भी चला रहे हैं।
उदाहरण के लिए स्वदेशी जागरण मंच के शिवपुरी स्वदेशी मेले में हुई खुली डकैती...।
सबको सब पता चल गया था कि गोपाल गौड़ ने क्या किया, फिर भी प्रशासन ने उसका क्या उखाड़ लिया..??
11.50 लाख की नगरपालिका को सीधा चूना लगाया..
फिर भी मन नहीं भरा तो टेंट भी इनसे ही लगवाया.....
कुल मिलाकर बंदे ने 42 लाख कमाया, पर ऊपर कितना पहुंचाया..?? कुछ समझ नहीं आया.!!
यहां भी बजरंग दल है जिसका खुद का अपना बल है.. कोई कैसे इनको धमका गया,रॉड और सरिए से इनको चमका गया...
चलो ठीक है उन्होंने की हरकत तो पुलिस उनको थाने में ला सकती थी.
मामले को समझकर जांच भी करा सकती थी...
क्यों इतनी जल्दी इस मामले में पुलिस ने FIR कटवाई..?
क्या इससे पहले कभी आवेदन लेकर जांच नहीं करवाई....??
पुलिस की इस कार्य प्रणाली से मन में उदासी के बादल छा गए... 😔😔..
सही है मोदी जी किसी के बुरे तो किसी के अच्छे दिन आ गए..
किसी के बुरे तो किसी के अच्छे दिन आ गए..!!
लेखक:- वीरेन्द्र "चर्चित"
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