मंडी एमडी क्यों लगा बैठे हैं ऐसों से आस, जब ख़बर तूल पकड़ी तो कर बैठे कार्रवाई का प्रयास...
*मंडी एमडी का यह कैसा प्रयोग, यह कैसा प्रयास..??*
*रोका था कार्रवाई करने सचिव को, और सचिव लगाने लगे जुगाड की आस..!!*
*।। चर्चित समाचार एजेंसी।।*
कोलारस मंडी की टीम ने दस दिन पहले दाने से भरा एक ट्रक चेकिंग के दौरान जप्त किया, जप्ती के समय ट्रक ड्राइवर से जो डॉक्यूमेंट बरामद हुए उसमे से ट्रक के कागज़ और ट्रक में भरे माल की तौल पर्ची निकली, वहीं मंडी का गेट पास नहीं पाया गया इसलिए मंडी सचिव रियाज़ खान ने ट्रक कोलारस पुलिस के सुपुर्द कर पुलिस अभिरक्षा में खड़ा कर दिया बाद में मीडिया के समक्ष आकर बयान भी दे डाला कि 24 फरवरी की रात लगभग 11 बजे कोलारस मंडी टीम ने चेकिंग के दौरान मूंगफली दाने से भरा एक ट्रक पकड़ा है जिसमे 300 किवंटल मुंगफली दाना भरा हुआ है जोकि तौल कांटा पर्ची से पता चला है। साथ ही यह माल भौंती से भरा गया है यह भी इस पर्ची से सिद्ध होता है।
गेटपास या ई बे बिल पूछने पर सचिव ने कहा कि अगर वह होता तो हम ट्रक को पकड़कर पुलिस अभिरक्षा में क्यों रखते..?
*मीडिया ने मांगे जप्त किए कागजों की कॉपी तो सचिव करते रहे इनकार..*
जब मीडिया कर्मी ने ट्रक से जप्त किए कागजों की कॉपी और पंचनामा मांगा तो सचिव रियाज़ खान यह कहकर मना करते रहे कि राजसात कि कार्रवाई चल रही है मामला कोर्ट में पेश करना है इसलिए यह सब आपको नहीं दिया जा सकता है पर हम जल्द ही मामले में राजसात की कार्रवाई जरूर करवायेंगे। पूछे जाने पर कि यह माल शिवपुरी जिले की किस फर्म का है..?? तो यहां भी सचिव फर्म का नाम न बताते हुए टाल मटोली करते हुए नज़र आए।
*10 दिन गुजरे न माल राजसात हुआ, न सविव गए, और न ही फर्म पर हुई कोई कार्रवाई।*
यहां बताना उचित होगा कि मामले में राजसात कि कार्रवाई को करते हुए आज पूरे 10 दिन गुजर चुके हैं, अब तक मंडी सचिव रियाज़ खान न तो कोई ठोस नतीजे पर पहुंचे हैं न ही कोई कार्रवाई कर सकें हैं जबकि मंडी नियम के हिसाब से माल को 24 घण्टे में जप्त कर राजसात की प्रक्रिया करनी होती है, वहीं माल अभी भी कोलारस थाने में ट्रक में ही लदा है जोकि नियम के विरुद्ध है।
*इधर मंडी एमडी और जेडी दोनों कार्रवाई को लेकर फूले नहीं समा रहे हैं, उधर मंडी सचिव अपनी जुगाड लगा रहे हैं।*
दाने से भरे ट्रक को लेकर मंडी एमडी कुमार पुरषोत्तम एक यूट्यूब चैनल पर आकर यह कहते हुए दिख रहे हैं कि हमने राजसात का नियम लगाकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करने का प्रयास किया है। जो मामले 25 हजार में सिमट जाते थे उनको हमने 25 लाख तक पंहुचा दिया है, कोलारस में भी हमने ऐसी ही एक कार्रवाई की है जिसमें बिना टैक्स चुकाए जा रहे दाने से भरे ट्रक को पकड़कर उस पर राजसात की कार्रवाई कर 25 लाख वसूल लिए हैं । वहीं मंडी जे डी का कहना था कि दाने का ट्रक कोलारस मंडी टीम ने ही पकड़ा था और हमने लगभग एक दो दिन बाद ही उस पर राजसाती कार्रवाई कर उस मामले को कोर्ट में पेश भी कर दिया। जबकि मंडी सचिव रियाज़ खान और भारसाधक अधिकारी अनूप श्रीवास्तव का कहना था कि हमने मंडी से नरवर फर्म की आरके ट्रेडर्स को नोटिस दे दिया है जैसे ही उनका ज़वाब दाखिल होगा हम आगे की कार्रवाई करेंगे।
खबर छपी तो जिम्मेदार जागे,9 दिन बाद कार्रवाई को भागे...
कोलारस मंडी समिति द्वारा मूंगफली दाने से भरे जिस ट्रक को पकड़ा था उस पर राजसाती कार्रवाई के लिए, फर्म को सूचित करना था कि आपके माल की राजसाती कार्रवाई की जाना अपेक्षित है जिसे फर्म कोर्ट में जाकर परिवाद दाखिल करना था। इस पूरी प्रक्रिया में कोलारस मंडी सचिव रियाज खान ने नौ से अधिक दिन निकाल दिए। सूत्र यह कहते हैं कि इस मामले में मंडी एमडी कुमार पुरुषोत्तम का अत्यधिक प्रेशर था इसलिए मैनेजमेंट बन नहीं पाया, नहीं तो रात के समय जिस गाड़ी के डॉक्यूमेंट के साथ गेट पास या ई बे बिल जैसे डॉक्यूमेंट नहीं थे, वही दस्तावेज दूसरे दिन यानि 25 फरवरी को दोपहर 3 बजे के बाद मंडी सचिव कोलारस के हाथों में कहां से आ गए। पूछे जाने पर उनका कहना था कि पार्टी ने गेट पास तो बनवाया है और टैक्स भी भरा है पर माल के हिसाब से जो टैक्स बनना चाहिए वह टैक्स पूरा नहीं भरा इसीलिए इस वाहन संशय की स्थिति में रख लिया है, जबकि गाड़ी पकड़े जाने के दूसरे दिन ही दोपहर 1 बजे जब हमारी मुलाकात सचिव रियाज़ खान से हुई तो उस समय सचिव का कहना था कि अगर गेट पास या ई बे बिल होता तो गाड़ी को पकड़कर थाने रखवाते ही क्यों..? सचिव रियाज खान की दोनों बातों में विरोधाभास के चलते यह अनुमान लगाया जा सकता है कि, मामले को सेटलमेंट तक पहुंचाना था पर मीडिया ने इतना उछाल दिया कि अब माल रखने के लिए खीसे (जेब) में जगह बची ही नहीं।
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