अब क्या सिंधिया की शिवपुरी विधानसभा में पानी फेरने की है तैयारी....??
इधर कलेक्टर खाट बुनकर से खाट बनाने की तकनीक पर बात करते रहे उधर पानी वाले पूर्व विधायक फिर से निःशुल्क टैंकर चला लोगों के दिलों में खाट बिछाने की खेलेंगे पारी...
अब क्या सिंधिया की शिवपुरी विधानसभा में पानी फेरने की है तैयारी..??
चर्चित समाचार एजेंसी
।। शिवपुरी 07/05/2026।। शिवपुरी की जनता 60 करोड़ की मड़ीखेड़ा जलावर्धन योजना का कितना लाभ ले पाई यह बताना थोड़ा मुश्किल है पर इसी योजना से मड़ीखेड़ा वाटर सप्लाई स्कीम के धुरंधर होनहार जिम्मेदार कई करोड़ के आसामी बन गए, यह योजना पूर्व नपाअध्यक्ष जगमोहन सेंगर के समय शिवपुरी के लिए चालू हुई थी, सब कुछ सही था, अगर कुछ नहीं था तो वह....
लालच की हिस्सेदारी जो पड़ रही थी सारी योजना पे भारी, किसी ने थोड़ा तो किसी ने पूरा लूटने की कर ली थी तैयारी..
शुरुआत हुई पीवीसी लाइन (प्लास्टिक) की लाइन से जो कुछ साल बाद ही एक सड़े हुए गत्ते की मानिंद कमजोर हो गई और इसके बाद हुआ यह कि कॉस्ट से ज्यादा इसकी पंचर जुड़वाई और टिकली लगवाई में खर्चा आने लगा।
इसके बाद महीने में 10 से 12 दिन मड़ीखेड़ा आम जनता का पानी भरती वहीं 18 से 20 दिन मड़ीखेड़ा के जुगाड़ियों की तिजोरी भरती।
मड़ीखेड़ा ने अध्यक्ष, सीएमओ इंजीनियर, सहित कंपनी के कर्मचारी से लेकर मालिक तक का दम से पेट भरा....
यहां कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि पूर्व अध्यक्ष जगमोहन सेंगर के समय से आई यह योजना न सिर्फ प्रशासकों के। लूट का जरिया बनी बल्कि तत्कालीन सीएमओ और इंजीनियरों की चांदी हो गई, मड़ीखेड़ा लाइन की टूट- फूट फ्रैक्चर, सहित लीकेज को जुड़वाने चलते यह योजना 60 से 300 करोड़ से भी ऊपर पहुंच गई..
डी आई पाइपलाइन आई बहुत ही खुशियां लाई पर पानी की सप्लाई को लेकर के जनता में मायूसी छाई....??
वर्तमान अध्यक्ष के समय आई डी आई पाइप लाइन ने जनता को राहत दी कि अब लाइन कभी नहीं टूटेगी,क्योंकि यह लोहा मिक्स धातु डेक्सार की है और 100 साल तक इसकी गारंटी है यह चलेगी। परन्तु सप्लाई के संचालन कराने को लेकर अपने-अपने ठेकेदार को टेंडर दिलाने की होड़ और जद्दोजहद चलते आम जनता के लिए सप्लाई कभी भी ठप्प हो गई, मसलन कभी स्टार्टर फुंका, कभी डीपी गई, तो कभी मोटर ही फुंक गई और इसके सुधरवाने में चली लाखों की फाइल..
हर साल चलते हैं गर्मियों में टैंकर, इस साल भी लड़ाई जारी है पर क्या अब फ्री वाला वीरेंद्र रघुवंशी भारी है....??
शिवपुरी विधानसभा सहित पूरे जिले में पानी की किल्लत चलती रहती है गर्मियों में ज्यादा बढ़ जाती है जो कि टैंकर सप्लाई से ही निर्बाध हो पाती है शिवपुरी नगर में तो पिछले कार्यकालों में यह हालात थे कि सर्दियों में भी टैंकर सप्लाई से ही पानी वार्डों में पहुंचता था,अब वह हालात तो नहीं हैं परन्तु गर्मियों में अब भी समस्या हो जाती और यह तब विकराल रूप धारण करती है जब मड़ीखेड़ा सप्लाई ठप्प हो जाए, तब पानी पूर्ति के लिए पार्षद वार्डों में टैंकर लगाने की फरमाइश करते हैं पर यह टैंकर किसके चलेंगे यह निर्णय पहले पी आई सी करती थी अब अध्यक्ष और सीएमओ या जो भारी पड़ जाए वह करता है। इसमें समय भी लगता है जिसका खामियाजा शहर की आमजनता को भुगताना पड़ता है। हालही में हुई परिषद बैठक में यह मुद्दा गरमा गया जिसे लेकर अध्यक्ष सहित पीआईसी मेंबर परिषद छोड़कर चले गए और हालात यहां तक हो गए कि एक पी आई सी मेंबर ने तो अपना इस्तीफा भी देने का मन बना डाला, इसके बाद आमजनता में पानी की पूर्ति अगले 15 दिन तक न हो पाने की बात भी उड़ने लगी, क्योंकि कुछ लोगों ने 19 तारीख तक मड़ीखेड़ा का पानी नहीं आने वाली रूमर का तीर चला दिया, जिसे टैंकर वाले पूर्व विधायक ने लपक लिया, या यह कहो उड़ता तीर ले लिया। अब यह तीर या तो पानी वाले विधायक का पानी निचोड़ेगा या फ़िर इस शहर की जनता ने जिसे 52 हजार वोटों से जीत दिलाई उसके सफेद पानी की खुमारी उतारेगा क्योंकि...
किसी ने खूब कहा है कि..
ऐ ग़ालिब इतनी पी शराब कि रात कट गई,...
सुबह जो किया हिसाब तो....... फट गई......
लेखक:-वीरेंद्र "चर्चित"
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