लोगों के प्यासे कंठों ने की फरियाद, कोई तो जिम्मेदारों को जिम्मेदारी कराओ याद..
सात दिन से मनीखेड़ा वॉटर सप्लाई ठप्प..
आमजन परेशान... टैंकर हुआ 500 के पार उस पर भी दो दिन वेटिंग की मार..
शिवपुरी।। 30/04/2026।। शहर में आज मानीखेड़ा की सप्लाई को ठप्प हुए लगभग 7 दिन का समय हो चुका है सारा शहर 45 डिग्री टेंप्रेचर पर भी भरी दोपहरी में पानी की कट्टीयां लेकर पानी की तलाश में इस बोरबेल से उस बोरवेल पर जा रहे हैं वहां भी नंबर लगे हैं और लोग दो चार कट्टी पानी की जुगत में दो से तीन घंटे तक लाइन में इंतजार कर रहे हैं, वहीं जिम्मेदारों ने मड़ीखेड़ा की वॉटर सप्लाई मोटर के खराब हो जाने के बावजूद शहर की पानी व्यवस्था से अपना ध्यान हटा लिया है।
एक माह पूर्व भी आई थी दिक्कत जिसमें आमजनता ने झेली थी 12 दिन से अधिक परेशानी..
पिछले माह मार्च के महीने में भी पानी की ऐसी ही किल्लत हुई थी जब मनीखेड़ा प्लांट और सतनवाडा फिल्टर प्लांट में लगी पाने सप्लाई की मोटर एक साथ फुक गई थीं जिसे लेकर नगरपालिका शिवपुरी के जिम्मेदारों को आमजनता का काफी विरोध झेलना पड़ा था इसी माह मेघा स्वास्थ शिविर भी लगा था जिसमें पानी की व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े किए जा रहे थे हालांकि अध्यक्ष और सीएमओ ने मिलकर सांदीपनी स्कूल ठकुरपुरा में लगी पानी की बोर को सही करवाकर समस्या से निजात दिलवाया था। वहीं वार्डों में निवास कर रही आमजनता को भयंकर समस्याओं का सामना भी करना पड़ा।
लोग पानी की पूर्ति के लिए 500 का खरीद रहे प्राइवेट टैंकर वो 2 दिन की वेटिंग के बाद..
पाने को लेकर शिवपुरी शहर के हालात पूर्व में 15 साल पहले जैसे हो गए हैं भारत के शासक भारतीयों को चांद पा पहुंचाना चाहते हैं वहीं शिवपुरी के निवासी अभी भी कट्टीयों से अपना मोह भंग नहीं कर पा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि शिवपुरी कहने को शहर है पर आज भी 15 दल जिंदगी जी रहे है फर्ज इतना है कि पहले पानी की लाइन में आगे वाले को निहारना पड़ता था अब मोबाइल उसकी कमी पूरी कर रहा है। वहीं पहले प्रायवेट टैंकर अधिकतम 200 रूपये में आसानी से मिल जाता था आज 500 होने के बाद भी 2 से 3 दिल का नंबर लगाना पड़ रहा है।
पार्षद भी अब पानी की जद्दोजहद में अपना समय रहे काट..
पहले के कार्यकाल में पानी की समस्या तो रहती थी पर पानी की इस समस्या में पार्षद अपना फायदा ढूंढ लिया करते थे मतलब कि पाने के टैंकरों के फर्जी और सही दोनों बिल के माध्यम से 3 से 5 लाख तक कमा लिया करते थे यानि कि "आपदा में अवसर" ढूंढ लिया करते थे वहीं आज के पार्षद इस कार्यकाल में इस कदर डरे हुए हैं कि अवसर कब आपदा में बदल जाए और जिंदाबाद मुर्दाबाद के नारे लग जाएं इस डर से या तो टैंकर प्रभारियों की मान मनुहार में लगे हैं या फिर जेब से पैसा लगाकर वार्डों में टैंकर मंगा रहे हैं ताकि कोई सरेराह बची कुची इज्जत नीलाम न कर दे।
आम जनता फेसबुक पोस्ट से निकाल रही भड़ास..
आमजनता पानी की मार से इतनी परेशान है कि जिसके मन में जो आ रहा है वह पोस्ट लिखी जा रही है कोई अध्यक्ष को टारगेट कार रहा है तो कोई सीएमओ को दोषी बता रहा है कोई दोनों को नगरपालिका के लिए नासूर बता रहा है तो कोई नगरपालिका को दिल्ली से चलाने की बात दोहरा रहा है बहरहाल शिवपुरी में बिजली और पानी दोनों ही समस्या से आमजन भारी परेशान है।
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