शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के खिलाफ़ लामबंद हुए पत्रकार .. डीन ने मांगी माफ़ी कहा पत्रकार हमारे मित्र....
शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के खिलाफ़ लामबंद हुए पत्रकार .. डीन ने मांगी माफ़ी कहा पत्रकार हमारे मित्र
।। चर्चित समाचार एजेंसी।।
शिवपुरी के पत्रकार संघ ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ की मुर्दाबाद की नारेबाजी..
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन...
उचित कार्रवाई की मांग भी की...
सनद रहे शनिवार की दोपहर लगभग 12 बजे नई दुनियां के पत्रकार देवू समाधिया सहित SRVS Medical College के फोटो ग्राफर राहुल अष्ठाना पर मेडिकल कॉलेज के जेआर , एसआर सहित इंटर्न करने वाले छात्रों ने न सिर्फ़ अभद्रता की बल्कि मेडिकल कॉलेज में फोटोग्राफर के पद पर कार्यरत आउट सोर्स कंपनी के स्टाफ राहुल अष्ठाना के साथ मारपीट भी की, जिससे वहां का वातावरण काफ़ी गरमा गया, यहां तक कि मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट ने मेडिकल की चौकी को पूरी तरह घेर लिया यह देख स्थानीय पुलिस बल ने जाकर मोर्चा संभाला तब जाकर पत्रकारों को वहां से निकाला।
हालांकि इस पूरे मामले में लोगों द्वारा भांति-भांति की बातें भी कही जा रही हैं।
पत्रकार अपना पक्ष रखकर ज्ञापन देते हुए कह रहे हैं कि यह घटना Intentionaly atteck on freedom of press है तो वहीं मेडिकल कॉलेज के जेआर और एसआर इसे Beyond The Protocol and Insensitivity of Serious Matter की Journalism मान रहे हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में डीन ने छात्रों की तरफ से मांगी माफ़ी कहा आगे से ऐसा नहीं होगा।
इस पूरे प्रकरण के बाद डीन को एहसास हुआ कि अब मीडिया भी मेडिकल कॉलेज शिवपुरी से पूरी तरह कट चुका है और हमारी अच्छी खबरों का कवरेज तो छूटेगा ही साथ ही साथ बुरी घटनाओं को बढ़ा चढ़ा कर पेश कर सकते हैं जिससे मेडिकल कॉलेज शिवपुरी को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है दिन की कुर्सी भी खतरे में आ सकती है क्योंकि यह माना जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में कहीं न कहीं
कॉलेज प्रबंधन की तरह से छात्र एवं मेडिकल कॉलेज के हित में ठीक नहीं किया जा रहा जो इस घटना के मुख्य कारणों में से एक है यह बात ध्यान रखते हुए svrs मेडिकल कॉलेज शिवपुरी के डीन धर्मदास परमहंस ने पूरी घटना पर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं मीडिया साथी के समक्ष माफ़ी मांगी और अब सब नियंत्रण में है आगे ऐसा नहीं होगा।
पर इस मामले का जो पूरा सच क्या है वह अभी तक सामने नहीं आया है ,यह सच या तो वह जानते हैं जिसके साथ यह घटना घटी है या वह जानते हैं जिन्होंने इस घटना में कानून हाथ में लिया इसके अलावा मेडिकल कॉलेज की तीसरी आंख जानती है पर वह बिना प्रबंधन की मर्जी के कुछ नहीं कहेगी। वहीं अगर इस मामले को मारपीट से अलग देखते हैं तो पाते हैं कि मेडिकल कॉलेज में ऐसा कुछ न कुछ तो गलत चल रहा है जिसका विरोध छात्रों के मन में चल रहा है यह वही भ्रष्टाचार और अनैतिकता का गुबार है जिसके छटने के बाद मेडिकल कॉलेज की पिक्चर कुछ और ही नज़र आएगी..!! फिलहाल मामला जांच पर निर्भर है और जांच उनपर पर निर्भर है जो ख़ुद जांच के घेरे में हैं।
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