प्यार में ऐसा मिला धोख 71000 लूट ले गया बलमा नहीं मिला संभलने का मौका...
प्यार में धोखा.....
मैं तुमसे मिलने आ रहा हूं एयरपोर्ट पर हूं डॉलर को रुपए में कन्वर्ट करना है 156000 की जरूरत है खाते में डाल दो..
और हो गई ठगी...
21 वर्षीय युगती गहने रखकर पैसे लाई और हो गई ठगी का शिकार..
।। चर्चित समाचार एजेंसी।।
।। शिवपुरी 09/05/26।। मामला दो दिवस पूर्व शिवपुरी नगर का है जब एक 21 वर्षीय बदहवास सी हालत में युवती गुरुद्वारा चौक स्थित जैन टेलीकॉमनिकेशन पर आई बोली अंकल मेरे पूरे पैसे ले लिए उसने अब मेरा फोन नहीं उठा रहा है मुझे कुछ गड़बड़ लग रही है, यह सुन दुकान संचालक हैरान हो गया..!! क्योंकि थोड़ी देर पहले ही वह युवती उसकी दुकान से एक अन्य खाते में 55 हजार रूपये डलवाकर गई थी और बार-बार कह रही थी कि अंकल जल्दी कर दो मेरा भाई का एक्सिडेंट हो गया है वह अस्पताल में भर्ती है रुपयों की सख्त जरूरत है। अब यह क्या कहानी है..?? जब उसने थोड़ा डिटेल में जानना चाहा तो मामला ऑनलाइन ठगी का निकला। पर यह वैसी ठगी नहीं थी, यह ठगी थी मीठी- मीठी बातें करके प्यार के जाल में फंसाकर लूटने की..!!
यह घटना घटी एक युवती रिंकी यादव (परिवर्तित नाम)जो शिवपुरी शहर के लुहारपुरा बस्ती की रहने वाली थी के साथ जो कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मीठी और मदमस्त कर देने वाली एक आवाज के जादूगर के जाल में फंस गई जैसा कि सभी लोग जानते हैं कि दोस्ती कब प्यार में बदल जाए और प्यार का मोतियाबिंद कब अंधा कर दे पता ही नहीं चलता..!! इस युवती को भी पता नहीं चला..!! प्यार जब परवान चढ़ा तो बात आई मिलने की, अब चूंकि युवक विदेश में जॉब करता था इसलिए वह फ्लाइट से शिवपुरी की लुहारपुरा बस्ती में रहने वाली एक सामान्य सी दिखने वाली लड़की से मिलने आ रहा था तो इस बात की युवती को इतनी खुशी थी कि पैर जमीन पर टिकने की जगह खुद ही हवाई जहाज बन गए थे। सब कुछ बढ़िया से चल रहा था कि मुंबई एयर पोर्ट पर विदेशी प्यार को एयर पोर्ट ऑथोरिटी ने रोक लिया क्योंकि विदेश से रोमियो अपनी जूलियट के लिए कोई महंगा गिफ्ट ला रहा था जो कि कस्टम डिमार्टमेंट द्वारा एयरपोर्ट पर धर लिया गया और उस बेशकीमती उपहार का जो टैक्स बना वह लगभग 1.5 लाख के करीब था। अब उस रोमियो के पास इंडियन रुपया न होकर डॉलर था जिसे भारतीय रुपयों में कन्वर्ट कराना था जिसके चलते रांझे ने हीर को सारी बात बताकर 1 लाख 56 हजार की मांग रख दी इतनी रकम सुनकर लड़की के होश उड़ गए उसने कहा इतने संभव नहीं हैं..!! सत्तर-अस्सी हज़ार तक हो सकते हैं। इतना सुनकर युवक ने कहा कि अभी 86000 डाल दो मै मामला सेटल करता हूँ शायद हो जाएगा..!!अब लड़की क्या करती..?? अपने राँझे को तो बचाना था..!! और मुफ्त का कीमती हार भी पाना था..।। तब उसने एक साहसिक कदम उठाया सबसे पहले घर रखे सोलह हजार, पारस कम्युनिकेशन से बंदे के खाते में ट्रांसफर करवाए ,फिर दौड़ लगाकर गई तो मां बाप ने शादी के लिए जो गहने बनवाकर रखे थे वह दूल्हे की आजादी के लिए गिरवीं रखकर जैन कम्युनिकेशन से 55 हज़ार रुपए राँझे द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर करवा दिए ऐसे करके कुल 71 हज़ार म्यूल खाते में पहुंचा दिए। इसके बाद घर जाकर जूलियट बराबर रोमियो के संपर्क में रही, रोमियो बाकी की रकम के लिए भी बराबर प्रेशर डालता रहा, पर जूलियट के पास आंसू के सिवाय अब कुछ नहीं था तो वह खामोश हो गई। तब जब रोमियो को पता चल गया कि अब जूलियट फुट्टल हो गई है यानि कि इसके पास कहीं से भी पैसा नहीं आ सकता है तो फ़िर रोमियो ने जूलियट का फोन उठाना ही बंद कर दिया। बाद में उसने यह बात अपनी सखी सहेली और परिजनों को बताई तबतक देर हो चुकी थी, दहेज की रकम पूरी न मिल पाने की वजह से दुल्हा अपने लिए दूसरी दुल्हन की तलाश में निकल चुका था। इसके बाद वह जैन कम्युनिकेशन पर गई पहले तो वह युवती झूठी कहानी बताती रही कि फोन आया था, भाई का एक्सीडेंट हुआ है, वह अस्पताल में भर्ती है, पर क्या है न कि "दाई से पेट नहीं छुपाना चाहिए़"..!! वहां दुकान पर दाईयां ही खड़ी थीं जिन्होंने जब पेट टटोला तो सारी कहानी बाहर आ गई। हालांकि उस घटना के समय एक सीआईडी पुलिस मैन भी था जिसमें साइबर कॉल करके म्यूल खाते का ट्रांजेक्शन फ्रीज करवा दिया।
आगे क्या हुआ अब तक कोई अपडेट नहीं है..।।
निष्कर्ष:-- यहां हर कदम पर ठग बैठे हैं जो इतना मीठा बोलते हैं कि तुमने अपने अपनों के मुंह से कभी सुना नहीं होगा जो इतना प्यार बरसाते हैं कि तुमने कभी देखा नहीं होगा और न ही कभी एहसास किया होगा पर जैसे ही तुम उनके स्नेह में अंधे होकर उनके सपनों में हिस्सेदारी करके गहरी निंद में सो जाते हो बस उसी समय वह ठग अपने असली रूप में आ जाते हैं ले जाते हैं, तुम्हारा रुपया, तुम्हारे गहने,तुम्हारी अस्मत, और तुम्हारी किस्मत भी..।
अतः ऐसे प्रलोभन में न पढ़ें, दिल की जगह दिमाग की सुने..
और खास बात इत्मीनान से सोएं, मगर जताते रहें बताते रहें कि हम जाग रहे हैं...
जागते रहो....
लेखक:-वीरेंद्र "चर्चित"
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