चोरी की रिपोर्ट लिखाने में आनाकानी, बताएं हम जो वही लिखी जाएगी कहानी, साहब यह कैसी है मनमानी..??
क्या हुआ..?? :- होटल ग्रीनव्यू के पास शनिवार की रात एक मकान में चोरी हो जाती है,जिसमें गोल्ड, सिल्वर के साथ लगभग 2.50 लाख से अधिक की रकम चली जाती है। रविवार को फरियादी नरेंद्र सिंह चोरी की रिपोर्ट लिखाने कोतवाली जाते हैं। पहले तो रिपोर्ट दर्ज न करते हुए आवेदन के ले लिया जाता है साथ में घटना स्थल पर मौके मुआयने के लिए एक कांस्टेबल भेज दिया जाता है जो पूरी तफ्तीश कर लाता है बाद में साहब नहीं होने का हवाला देकर दिन में तीन बजे आने को कहा जाता है, फरियादी तीन बजे जाता है तो उसे साहब नहीं होने पर शाम 6 के बाद बुलाया जाता है और जब शाम को जाता है तो साहब मोबाइल में व्यस्त रहते हैं और स्टाफ डील करता है। जिसमें स्टाफ आपस में बात करता है कि चोरी की रकम कितनी लिखाई जाए..?? नतीजा आता है कि 2 लाख 65 हजार रकम जो घर में से चोरी हुई है उसकी 1 चौथाई लगभग 65 हजार FIR में दर्ज करवा दो तो हम तुम्हारी FIR लिख लेंगे। फरियादी यह शर्त नहीं मानता,कहता है जो चोरी हुआ है वही लिखवा रहा हूं कम ज्यादा क्या होता है..?? इस पर कोई पुलिस कर्मचारी बोला बात को समझो ऊपर भी जवाब देना पड़ता है फिर बाई नाराज हो गई तो, हमारा क्या होगा..??
क्यों हुआ...?? :- नरेंद्र सिंह सात- आठ दिन के लिए फिजिकल पर के पी सिंह की कोठी के पीछे स्थित अपने दूसरे मकान पर रहने गए थे, प्रति रात्रि कोई न कोई सोने आता ही था, शनिवार की रात नहीं गया, उसी रात चोरी हो गई। इस प्रकरण में एक बात निकलकर सामने आ रही है कि जहां दिन दहाड़े भी चोरी हो सकती है जिस क्षेत्र के आस पास पूर्व में भी एक प्रायवेट डॉक्टर के घर में छत पर से लोहे की ग्रिल को काटकर अंदर जाते हैं और चोरी कर लेते हैं और उसके बाद भी वहां कई बार चोरी हो जाती हैं तो इसका मतलब पुलिस की रात्रि गश्त कहीं न कहीं कमजोर है या हो ही नहीं रही है यही कारण रहा होगा चोरी हो जाने का..!!
अब क्या:....??
चोरी की रिपोर्ट किन शर्तों पर होगी..???
फरियादी के द्वारा बताई गई कहानी के हिसाब से या FIR लिखाने से पूर्व पुलिस द्वारा दी गई हिदायद/कंडीशन/समझाइश के हिसाब से घटना को गुजरे आज तीसरा दिन है।
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