भारसाधक अधिकारी की जांच में आया प्याज का घोटाला..
सचिव ने खुद को बचाने व्यापारियों को भेजे नोटिस, वहीं सूत्र बोले यह खुद भी हिस्सेदार तो नोटिस भेजे या नहीं पता नहीं..!!
।। चर्चित समाचार एजेंसी।।
शिवपुरी की पिपरसमा स्थित कृषि उपज मंडी में प्याज और लहसुन की आवक से होने वाली आय में हर साल सरकारी लुटेरों द्वारा सेंधमारी की जाती है। हर साल "अमानत में ख़यानत" का मामला शिवपुरी सहित प्रदेशभर के मीडिया संस्थानों में जगह बनाता है, जिस कारण इससे जुड़े भ्रष्टाचार की जांच कर भ्रष्टों पर कार्रवाई की मांग की जाती है,पर होता कुछ नहीं , क्योंकि ऊपर के लेवल पर बैठे अधिकारियों से सेटिंगबाज पैसे की चमक दिखाकर मामले में सेटिंग कर लेते हैं और फिर अपनी मनमुताबिक पिच पर वापस आकर बेटिंग करने लगते हैं।
हाल ही में प्याज की आवक को लेकर हो रही मीडियाबाजी को संज्ञान लेते हुए भारसाधक अधिकारी आनंद राजावत ने 1 जून से 5 जून तक राजस्व की टीम के साथ मिलकर मंडी में आने वाली प्याज की ट्रालियों की गिनती करवा दी। टीम की अगुवाई मुख्य रूप से नायब तहसीलदार अनिल धाकड़ ने की तथा इसमें कुछ पटवारी और नाकेदार भी मौजूद रहे, इन्होंने सोमवार से शुक्रवार तक मात्र पांच दिवस में प्रत्यक्ष खड़े रहकर 11 लाख से अधिक का प्याज से होने होने वाले राजस्व का आंकलन किया जिसमें 10 परसेंट को कम भी मान लिया, जब पांच दिन की सतत् निगरानी के बाद राजस्व टीम की रिपोर्ट 8 दिन बाद पेश की गई तो मंडी के सचिव और उनकी टीम ने जितना टैक्स जमा दिखाया उसमें और भारसाधक अधिकारी की रिपोर्ट में 475000 का अंतर पाया गया।
सचिव ने अपने बचाव के लिए व्यापारियों को भेजे नोटिस..
जब भारसाधक अधिकारी आनंद राजावत की रिपोर्ट और मंडी के पोर्टल पर प्याज के शुल्क की 5 दिवसीय कुल शुल्क जमा राशि में बड़ा अंतराल दिखा तो मंडी सचिव बालेश शुक्ला ने अपने बचाव के लिए आनन- फानन में व्यापारियों को नोटिस भेज दिए संभतः यह नोटिस देखने दिखाने के लिए माने जा रहे हैं ऐसा बताया गया है।
वहीं कुछ सूत्र तो यह भी कह रहे हैं कि मंडी सचिव भी इस लूट का हिस्सेदार है अतः नोटिस भेजे ही नहीं हैं..!! और अगर भेजे भी हैं तो कम टैक्स जमा करने का कारण बताओ नोटिस भेज दिया होगा जो कि प्याज के जाते ही सब भूल जाएंगे।
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