दूधियों और डेयरी संचालकों की लड़ाई, लड़ते-- लड़ते आखिर नतीजे पर आई, डेयरी वालों को मिल गया अध्यक्ष और जनता को मिल गई दूध में पूरी मलाई...
डेयरी संचालक की लड़ाई ने लिया नया मोड़ अब मिलेगा 5.0 फैट का दूध...
।। चर्चित समाचार एजेंसी।।
।। शिवपुरी 25/07/2026।। आखिरकार शिवपुरी शहर में आमजनता को मिलेगा 5.0 फैट का शुद्ध दूध प्रेस वार्ता के माध्यम से यह बताया शिवपुरी के नवनिर्वाचित डेयरी संचालक अध्यक्ष राजकुमार शाक्य ने, दरअसल पिछले 15 दिनों से शिवपुरी के शहर वासियों को शुद्ध और वह भी एक अच्छे मानक स्तर के फैट का दूध विक्रय को लेकर दूध उत्पादक और डेयरी संचालक आमने सामने आ गए थे। जिसमें डेयरी संचालको का यह आरोप था कि दूधिए जो दूध बाजार में डेयरी के माध्यम से बेचने लाते हैं वह उस गुणवत्ता का नहीं होता है जिसके वह हमसे पैसा लेते हैं। इसमें होता यह है कि दूध का दाम दूधियों को अच्छा मिल जाता है परन्तु ग्राहक को उस कीमत का दूध नहीं मिलता है जिससे ग्राहक का काफी नुकसान होता है।
कीमतों को लेकर चली थी लड़ाई और फैट पर आकर रुक पाई..
यहां आपको बता दें कि पिछले 15 दिन से डेयरी संचालक और दूध उत्पादकों में जो लड़ाई थी वह कीमतों को बढ़ाने को लेकर थी, दूधिया चाहते थे कि डेयरी संचालक हमको 55 रुपए किलो का भाव दें जबकि डेयरी संचालकों का यह कहना था कि गर्मियों के समय इन्होंने दूध के दाम बढ़ाने को लेकर हड़ताल की थी जिसमें दूध उत्पादक और डेयरी संचालक दोनों संगठनो ने जिला प्रशासन के समक्ष रहकर यह निर्णय लिया था कि अभी (गर्मियों) में दूध के दाम 50 रुपए किलो की जगह 55 रूपये रहेंगे इस रेट में डेयरी संचालक दूधियों से दूध खरीदकर बाजार में 60 रुपए के दाम से जनता को बेचेंगे, और बरसात के शुरू होते ही दाम वापस 50 रुपए पर आ जाएंगे क्योंकि इस समय भैंसों को अत्यधिक हरा चारा मिलने लगता है और शादियों का मौसम न होने के कारण दूध की खपत भी कम हो जाती है, अब हुआ यह कि 55 रुपए के दाम से पैसे जब तक देते रहे तब तक कोई परेशानी नहीं थी मगर जैसे ही पुराने दामों पर आए यह लोग फैल गए।
मिठाई विक्रेता की लगाई आग, में डेयरी संचालकों को मिला नया नेता और ग्राहकों को मिला फैट..
12 दिवस पूर्व दूध उत्पादक अपने संगठन के साथ वर्तमान में चल रहे दूध के दामों पर डेयरी संचालक जिला कलेक्ट्रेट गए जहां डिप्टी कलेक्टर अनुराग निगवाल को ज्ञापन सौंपते हुए बोले कि डेयरी संचालकों ने सामूहिक रूप से इक्ट्ठा होकर प्रशासन के समक्ष 55 रुपए किलो दूध खरीदने का वादा किया था और यह दो साल के लिए स्थिर रहेगा ऐसा लिखित में भी दिया था परंतु मात्र दो माह में ही यह लोग पलट गए जिसका लिखित प्रमाण दूध उत्पादक संघ के नेता कोक सिंह गुर्जर और मुकेश गुर्जर ने डिप्टी कलेक्टर को सौंपा, परंतु जैसे ही यह पत्र पढ़ा गया तो इसमें पाया कि डेयरी संचालक के पूर्व अध्यक्ष आनंद राठौर के नाम के नीचे उनके हस्ताक्षर थे ही नहीं,जिस पर आनंद राठौर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि हमारी दो साल तक 55 रुपए में दूध खरीदने को लेकर कोई सहमति नहीं बनी थी जबकि वह पत्र जो संचालक प्रेम स्वीट्स के प्रतिष्ठान पर बैठकर उन्हीं के लेटर हैड पर लिखा गया था उसमें स्पष्ट मिठाई विक्रेता के अध्यक्ष और दूध उत्पादक अध्यक्ष के पद नाम और हस्ताक्षर तो थे लेकिन डेयरी संचालक अध्यक्ष के पद नाम पर हस्ताक्षर नहीं थे इसी वजह से बात बिगड़ती गई और जब डेयरी संचालक वर्तमान में कार्यकारिणी न हो पाने की कमी के चलते अपनी लड़ाई मजबूती से न लड़ पाने की कमी महसूस करने लगा तो उनको एक पढ़े लिखे दमदार जो दूधियों से भिड़ भी सके ऐसे व्यक्ति की तलाश महसूस होने लगी इन वजहों के चलते डेयरी वालों को एक ऐसा नया अध्यक्ष मिला जो इस व्यवसाय से नहीं है और आम जन को 5.0 फैट का दूध मिलने की व्यवस्था हुई।
वहीं एक वरिष्ठजन का कहना है कि सही मानकस्तर का दूध आमजन को मिलेगा इस पर संदेह अब भी अब भी जिंदा है..!!
एक टिप्पणी भेजें